इंतजार का फल मीठा होता है

देर ही से सही हर एक ख्वाब सच होता है
सच ही तो है कर्मों का हिसाब यहीं होता है

यूँ तो ग़मों के दौर में कई बार एतबार टूटा मेरा
ये अब जाना इंतजार का फल भी मीठा होता है

कोई कितना ही समझे कि वो खुदा हो गया है
ए दिशा सबके चेहरे का नकाब यहीं हटता है

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