नई पहल
मन के बंद दरवाजों पर आज फिर दस्तक हुई है गम की अंधेरी रात बीती खुशियों की सुबह हुई है जहाँ शब्द मौन हुए थे वहाँ अब हलचल हुई है नाउम्मीदी का डेरा हटा एक नई पहल हुई है
दिशा ज़िंदगी की, दिशा बंदगी की, दिशा सपनों की, दिशा अपनों की, दिशा विचारों की, दिशा आचारों की, दिशा मंज़िल को पाने की, दिशा बस चलते जाने की…