जन्मदिन

उम्र की शाख पर खिलते हैं
जन्मदिन के फूल हर साल
झड़ जाता एक साल शाख से
वहीं जुड़ जाती है एक याद
आँखों के आगे से गुजरता बचपन
फिर पंख लगाकर यूं उड़ता यौवन
चलचित्र की भांति गुज़रता हर लम्हा
जैसे जी रहे हों कोई सपना
जन्मदिन की रौनक
दिलाती है यह एहसास
उम्र का कोई भी पड़ाव हो
हम हरदम रहेंगे ख़ास





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