LATEST:


विजेट आपके ब्लॉग पर

Click here for Myspace Layouts

ब्लॉग भविष्यफल

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Widget by LinkWithin

शनिवार, 14 अगस्त 2010

बदलते आजादी के मायने

आजादी का सलाम आप सबके नाम
बदलती दुनिया के बदलते रंग
आजादी के भी बदले ढंग
लड़कियों को चाहिए घूमने की आजादी
लड़कों को चाहिए चूमने की आजादी
बच्चे समझे माँ-बाप को पाजी
अब ना भाए लोगों को संग
बदलती दुनिया के बदलते रंग

पतियों को हरदम चेंज चाहिए
बीबियों को हसबंड सेम चाहिए
दाल-रोटी नहीं बिरयानी चाहिए
दूध-लस्सी बने अब विस्की और रम
बदलती दुनिया के बदलते रंग

यह सही है कि बदलाव जरूरी है
लेकिन पुराने अनुभव ही नवीनता की धुरी है
जब भी हो नवप्रवर्तन
प्राचीन को मिले नवीन का संग
बदले दुनिया पर न हो पतन
सबको आए जीने का ढंग
जय हिंद जय भारत

2 टिप्‍पणियां:

  1. पुराने अनुभव ही नवीनता की धुरी हैं, में मानों पूरी कविता की जान बसी है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्दर,सार्थक और प्रेरक प्रस्तुती ...

    उत्तर देंहटाएं