कहाँ गई वो नज़र


आयोजन शब्द सीढ़ी

शब्द- नज़र, इश्क़, बेपनाह, वादा, शिद्दत, शक, जुदाई, दर्द


कहाँ गई वो नज़र

जिसमें इश्क़ होता था

देखकर उसमें अपना चेहरा

मुझे रश्क़ होता था


बेपनाह प्यार ने तेरे

जीने की वजह दी

तोड़कर अपना वादा तुम 

क्यों मुझे छोड़ चलीं


चाहा इतनी शिद्दत से 

अब भुलाएँ भला कैसे

जो शक हो तुम्हें

आजमा लो चाहे जैसे


इस जुदाई को सहना

अब मुमकिन नहीं है

हमदम मेरे दर्द की 

कोई दवा नहीं है


स्वरचित

©

दीपाली पंत तिवारी 'दिशा'

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