नववर्ष - 2019


यादों के पिटारे में, ख़ूबसूरत लम्हे उड़ेलकर

जिंदगी के कैनवास पर इंद्रधनुषी रंग बिखेरकर

देखो दामन छुड़ाकर, यह साल जा रहा है

उम्मीदों की टोकरी, सपनों की पोटली भरकर

आने वाले कल की सुंदर तस्वीरें उकेरकर

नववर्ष नई भोर-सा मुसकाता आ रहा है


दीपाली 'दिशा'

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