पर्यावरण

सघन वन और घटा घनघोर
नभ पे छाई लालिमा चहुँ ओर
पर्वतों से नदियाँ निकलती
डालियों पर कलियाँ खिलती
देखकर सब दंग हैं
ये सब पर्यावरण के अंग हैं

पंछियों का डेरा चमन में
सौंधी सुगंध बसे पवन में
बादलों से गिरता पानी
कहता कुदरत की कहानी
फूलों के जितने रंग हैं
ये सब पर्यावरण के अंग हैं

यह क्षेत्र विस्तृत है बड़ा
प्रकृति की भेंटों से भरा
भरता मन में उमंग है
ये सब पर्यावरण के अंग हैं

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